Crush Meaning in Hindi | क्रश का मतलब (मीनिंग) हिंदी में जाने

क्रश बहुत ही प्रचलित अंग्रेजी शब्द है इसके बारे में सुनने को अत्यधिक युवा अवस्था में मिलता है अगर आपको क्रश का हिंदी में Crush meaning in hindi मतलब नहीं पता है तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें, इसमें लगभग पूरी जानकारी देने की कोशिश की गई है।

आज के समय में सबसे ज्यादा सुनने को मिलता है की वह मेरी क्रश है या वह मेरा क्रश है यह सबसे ज्यादा नए उम्र के लड़के और लड़कियों में देखने को मिल रहा है  क्रश सबसे ज्यादा उपयोग होने वाला अंग्रेजी शब्द है क्रश और प्यार में थोड़ा अंतर होता है।

Crush Meaning in Hindi
Crush Meaning in Hindi

(Crush Meaning in Hindi) क्रश का मतलब (मीनिंग) हिंदी में जाने –

क्रश किसी का कहीं पर भी हो सकता है किसी पर भी हो सकता है किसी एक आदत के वजह से भी हो सकता है या उसके सुंदर होने से भी हो सकता है या उसके काम करने, रहन सहन को देख कर भी कोई किसी का भी क्रश हो सकता है।

क्रश कितने प्रकार के होते हैं:-

हमारे दैनिक जीवन में उपयोग होने वाले क्रश का दो मतलब होता है पहला जो प्यार में इसका प्रयोग किया जाता है और दूसरा किसी वस्तु या किसी एक्सीडेंट में शरीर के किसी अंग का कूचल जाना भी क्रश कहलाता है अब हम इन दोनों बिंदुओं के बारे में विस्तार से नीचे देखेंगे।

1• प्यार में क्रश का मतलब:-

जब कोई लड़की किसी लड़के का क्रश होती है तब लड़का उसे पाने के लिए अपना रहन सहन,  खानपान,पहनावा आदि को बदल लेता है और उसे पटाने के लिए यह सब नाटक करता है यह सब करने के बाद अगर लड़की पट जाती है तो आगे चलकर यह प्यार में बदल जाता है क्रश किसी भी वजह से हो सकती है, सुंदरता की वजह से,पढ़ाई की वजह से ,बोलचाल की वजह से रहन-सहन की वजह से आदि गुणों को देखते हुए कोई भी किसी का क्रश हो सकता है।

या जब कोई लड़का किसी लड़की का क्रश होता है तो उस समय लड़की उसे पाने के लिए अपना रहन सहन बोल चाल कपड़े का पहनावा आदि बदल कर आदि बदलकर लड़की भी लड़के को पटाने के लिए नाटक करती है अगर लड़का फट जाता है तो यह भी प्यार में बदल जाता है यह किसी को कहीं भी किसी से हो सकता है।

अगर आपका कोई क्रश है तो बदलते हुए समय के अनुसार भी विचार उसके प्रति बदलते हुए समय के अनुसार बदलने लगता है या फिर धीरे-धीरे चाहत कम हो जाती है यह केवल क्रश में ही होता है प्यार में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है.

2•कुचल जाने पर क्रश का मतलब:-

क्रश का मतलब कुचल जाना भी होता है आज भाग दौड़ भाग दौड़ जिंदगी में अत्यधिक काम के लिए हमें एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ता है एक स्थान से दूसरे स्थान जाने के लिए हम गाड़ी का प्रयोग करते हैं और जल्दी पहुंच जाते हैं कभी-कभी भाग्य खराब होने के कारण गाड़ी का एक्सीडेंट हो जाता है उस दशा में हमारा कोई  कुचल जाता है या टूट जाता है इस कुचले हुए भाग को है क्रश कहते है।

या फिर हम खाने पीने का सामान जैसे सब्जी इत्यादि साधन से मनाते हैं अगर एक्सीडेंट हो जाता है तो हमारा सब्जी खराब हो जाता है कुचल जाता है जो खाने योग्य नहीं रह जाता इस नुकसान को भी कुचलना ही कहते हैं यानी क्रश करते हैं।

क्या(Love and Crush)प्यार और क्रश एक ही है:-

प्यार और क्रश को एक ही कहना सही नहीं होगा ,क्योंकि दोनों में थोड़ा अंतर होता है क्योंकि जब कोई किसी का क्रश होता है तो उस दशा में उसे प्रभावित करने के लिए दिखावा ज्यादा करना पड़ता है लेकिन प्यार में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है उसमें दिखावा करने की कोई जरूरत नहीं होती है उसमें जो रियल होता है वही रहता है।

जब कोई किसी का क्रश होता है तो भावनात्मक विचार आगे चलकर आवश्यकता के अनुसार बदलने लगता है ऐसा अक्सर देखने को मिलता है लेकिन प्यार में ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है इसलिए हम कह सकते हैं कि प्यार और क्रश दोनों को एक ही मानना सही नहीं होगा।

प्यार और क्रश में अंतर:-

अगर आप 10 लोगों से एक सवाल पूछते हैं की प्यार और क्रश में क्या अंतर होता  है तो अत्यधिक लोगों को इसका जवाब नहीं पता होगा की दोनों में क्या अंतर होगा लेकिन इसमें से बहुत कम ही लोग इसके बारे में बता पाएंगे जो कई रिश्तो का अनुभव किए होंगे या इससे गुजरे होंगे वही उसके बारे में बता पाएंगे. प्यार और क्रश में निम्नलिखित अंतर होता है जो नीचे दिया जा रहा है।

Love,प्यार:-

प्यार एक प्रकार का लगाव होता है. जब कोई व्यक्ति का दूसरे व्यक्ति से अटूट लगाव या स्नेह हो जाता है तो उसे प्यार करते हैं प्यार करने के लिए कोई वजह नहीं चाहिए वह बस हो जाता है पता भी नहीं चलता है दोनों प्यार करने वाले को हमेशा प्यार मिलता है चाहे कितना भी कोई परेशानी आ जाए एक दूसरे को के प्यार को खत्म नहीं कर सकता या एक दूसरे को जोड़ें रहता है।

यह एक प्रकार का गुण माना जाता है जब कोई एक दूसरे का ख्याल रखता है स्नेह करता है उसकी भला-बुरा के बारे में सोचता है तो इसे प्यार कहते हैं प्रेम किसी से किसी का भी हो सकता है माता का पुत्र से पुत्री से ईश्वर से इत्यादि इसे प्यार करता है।

इसे कार्य के रूप में भी जाना जा सकता है जैसे किसी को किसी से प्यार  होना एक कार्य के समान है प्यार से जुड़े भावनाओं का सीमा बहुत बड़ा होता है।

जैसे बाप का बेटी से प्यार मां का बेटी से प्यार पति का पत्नी से प्यार इस तरह प्यार का मतलब समझाया जा सकता है प्यारा किसी को कहीं भी किसी भी उम्र किसी भी समय किसी भी जगह पर हो सकता है।

Crush, क्रश

क्रश प्यार से बिल्कुल अलग होता है  आगे चलकर यह प्यार में बदल सकता है या उसके प्रति चाहत समाप्त भी हो सकती है यह समय पर आश्रित रहता है जब कोई लड़का किसी लड़की को किसी विशेष गुण के कारण चाहता है तो उसे क्रश कहते हैं वह उसे पाने के लिए अपना रहन सहन बदल लेते हैं जिससे पटा अपने रिश्ते को आगे प्यार में बदल सके इस प्रकार  के रिश्तो को ही क्रश कहा जाता है

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