Nag Panchami का त्यौहार 2022 की जानकारी हिंदी मे

आज की इस पोस्ट में हम नागपंचमी की जानकारी हिंदी में बताने वाले हैं अगर आप Nag Panchami से जुड़ी जानकारी चाहते हैं तो इस पोस्ट को पूरा पढ़ें.

Nag Panchami: हिंदू धर्म में नागपंचमी के दिन व्रत और पूजा करना बहुत ही लाभकारी माना गया है. नागपंचमी का पर्व हर वर्ष सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को विश्वास और आस्था के साथ मनाया जाता है.

इस दिन नाग देवता की कथा का पाठ करना या सुनना भी शुभ होता है, साथ ही शास्त्रों के अनुसार नाग की पूजा करने से भी सर्प प्रसन्न होता है.

Nag Panchami
Nag Panchami

नागपंचमी से जुड़ी कई ऐसी दिलचस्प कहानियां हैं, जिन्हें पढ़कर हैरानी होती है. जानिए क्या है नागपंचमी का महत्व, नागा पूजा से मरे हुए भी जीते हैं लोग.

Nag Panchami,of Importance

नाग पंचमी के बारे में कई कहानियां हैं, उनमें से एक के अनुसार, एक किसान अपने दो बेटों और एक बेटी के साथ एक राज्य में रहता था.

एक दिन खेत जोतते समय किसान का हल नीचे आ गया और सांप के तीन बच्चों की मौत हो गई. सांप की मौत के बाद पहले तो सांप ने मातम किया, फिर उसने अपने बच्चे के हत्यारे से बदला लिया, एक दिन रात के अंधेरे में किसान और उसकी पत्नी समेत दोनों लड़कों को सांप ने काट लिया.

अगली सुबह जब सांप फिर से किसान की बेटी को काटने गया तो किसान की बेटी ने उसके सामने दूध से भरा कटोरा रखा और हाथ जोड़कर उसने सांप से माफी मांगी.

सर्प प्रसन्न हुआ और अपने माता-पिता और दोनों भाइयों को वापस जीवित कर दिया. वह दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी, उसी दिन से नाग के प्रकोप को दूर करने के लिए नागपंचमी का पर्व मनाया जाता है.

Nag Panchami Pujn Vidhi

नागपंचमी के दिन सुबह स्नान करके घर के दरवाजे पर गाय के गोबर से एक नाग बना लें और मुख्य द्वार के दोनों ओर दूध, दूबा, कुश लगाएं.

नाग देवता की चंदन, अक्षत, फूल आदि से पूजा करें और फिर मिठाई अर्पित करें. यदि कोई व्यक्ति इस दिन सांप को दूध से नहलाता है, तो वह जीवन भर सांपों से नहीं डरता.

नागपंचमी के दिन यदि महिलाएं व्रत रखें और नियमानुसार नाग देवता की पूजा करें तो परिवार को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और परिवार के सदस्यों को सर्पदंश का भय नहीं रहता.

इस दिन देश के कई हिस्सों में नागपंचमी से एक दिन पहले भोजन तैयार किया जाता है और नागपंचमी के दिन बासी भोजन किया जाता है.

कहा जाता है कि नागपंचमी के दिन मिट्टी खोदना या जोतना, नींव खोदना मना है. इस मंत्र से करें नाग देवता की पूजा
नागपंचमी की पूजा करते समय इस मंत्र का कम से कम 108 बार जाप या जाप करना चाहिए. इस मंत्र के नियमित जाप से कालसर्प दोष भी शांत होता है.

मंत्र
“ओम कुरुकुले मैं जड़ स्वाहा”

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